हां भला अब इश्क़ में हम क्या करेंगे
बस तेरा ही रास्ता देखा करेंगे
जो किया था अहद मैने तुझसे उसका
उम्र भर अब हम वही ईफ़ा करेंगे
(ईफ़ा: प्रतिज्ञा पालन)
तुमको पाकर क्यों खो बैठे अब तुम्हें फिर
बाद हम तेरे यही सोचा करेंगे
इस तरह रातें हमारी गुज़रेंगी अब
याद कर करके तुझे रोया करेंगे
बाद तेरे किसको सोचेंगे भला हम
तेरे पीछे ज़िंदगी ज़ाया करेंगे
लौटकर आयेंगे कब ये दुबारा
हम गुज़रते वक्त का पीछा करेंगे
ये गुज़िश्ता साल तेरे कैसे बीते
तुझसे हम अब ये नहीं पूछा करेंगे
(गुज़िश्ता: पिछला/अतीत)
अब भरेंगे घाव अपने सारे गिनकर
हम पुराने ज़ख्म क्यों पाला करेंगे
जब कभी भी धूप से घबराओगे तुम
हम तुम्हारे सर पे फिर साया करेंगे
दोस्तों से बातें अपनी करते करते
नाम को तेरे नहीं लाया करेंगे
ख़ुद को ज़िंदा रखने की उस्रत में आख़िर
अब खुशी के पल नहीं खोया करेंगे।
-अनमोल
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