इस छोटी सी जीवन की कहानी हम क्या बताऐं रे कान्हा।
न जाने कितना दर्द मिला है मुझकों हम क्या दिखाएं रे कान्हा।।
इस तरह का जीवन अब जीने को मन नहीं करता है रे कान्हा।
लेकिन क्या करूं जिम्मेदारी इतनी है की मर नहीं सकता रे कान्हा।।
-चन्दे पासवान
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