तुम से मुलाकात होते ही आसमान का चांद मुझ से नाराज़ हो गया,
रुठकर चांद ने कहा,ऐसा कौन मिल गया तुम्हें,
कि तुम ने मुझे भी इग्नोर करना शुरू कर दिया...
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