भाई अगली बार जब तू आना
भाई बस इक चाह रखूं ,भाई अगली बार जब आना
थोड़ा समय भी साथ लाना
बना कर आना चाहें बिजनेस टूर
लम्बी मीटिंग का प्लान हमारे लिए बनाना
भाई अगली बार जब आना
दरवाजे पर(क्षण भर) ही तुम्हारा मिलना
बरबस ही मन का पिघलना
कि जी भर कहां ली बलाएं
भाई ऐसे भी मन कहां था भरना
बस इक चाह रखूं,भाई अगली बार जब आना
थोड़ा समय भी साथ लाना
फिर माँ की गोद में सर रख लेना
ढेरों हाल-चाल तू ले लेना
मन पसंद माँ पकवान खिलाये
माँ का हाथ तू चूम लेना
बस इक चाह रखूं,भाई अगली बार जब आना
थोड़ा समय भी साथ लाना
फिर पिता संग ढेरों बात करना
कुछ उनके मन के जज्बात सुनना
कह देना थोड़ा अपना भी हाल
अपने मन को भी हल्का तुम करना
बस इक चाह रखूं,भाई अगली बार जब आना
थोड़ा समय भी साथ लाना
नहीं चाह किसी उपहार की करूं
चाह बस तुम्हारे स्नेह, प्यार की करूं
नेह बंधन की डोरी से जुड़ा अपना नाता
ढेरों आशीष दूं भाई खुशियों की अरदास करूं
बस इक चाह रखूं,भाई अगली बार जब आना
थोड़ा समय भी साथ लाना
- एकता कोचर रेलन
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