ये उदासी आपके चेहरे पर अच्छी नही लगती
पापा आप पत्रकार हैं कोई भगवान तो नही जो
उनके मुताबिक कार्य करे आपका काम हैं खबर इकठ्ठा करना दुनियाँ को सच सें अवगत कराना...
आप शांत चुप होकर सून रहे थे बच्चे लूजर - लूजर
कह कर सम्बोधित कर रहे थे उन्हें नही पता आपके
काम का महत्व जब सारी दुनियां सोती हैं तब मेरे पापा सन्देश एकत्र कर न्यूज़ द्वारा दुनियां तक पहुंचाते हैं...
मुझे गर्व हैं पापा चाहे धूप हों छाँव हों या चाहे हों बरसात आप अपने काम को पूजा मान कर करते हैं
आपके चेहरे ख़ामोश इसलिए हैं कि वों बच्चे हैं और
खुद परेशान इसलिए आपने जवाब न देकर उनको मौन रह कर जवाब दिया आप अपना काम करो बच्चो मैं अपना काम कर रहा हूँ...!!
-हेमप्रिया
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