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मन और कर्म

                
                                                         
                            हे राम तेरी बनाई इस दुनिया का इक अलग सा दुस्तूर देखा,
                                                                 
                            
लूटेरों को सुधरते और किसी साधु की आँखों में चोरी का फितूर देखा,
देखा न सुकून,चैन किसी अमीर की कोठी में,
पर हक्क से कमाने वाले की आँखों में मेहनत का गुरूर देखा।
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43 मिनट पहले

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