कुछ जज़्बात आँखों से बयां हो जाते हैं,
जो लफ़्ज़ों में कहें, वो अक्सर कम पड़ जाते हैं।
दिल की किताब में जो अल्फ़ाज़ छुपे हैं,
वो हर किसी के समझ में कहाँ आते हैं।
-सुकून
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