हमने शास्त्रीय ढंग से
प्यार किया था,
पतली पगडण्डी पर
हम मिले थे,
अकेले पेड़ के नीचे
चुपचाप खड़े थे,
या कभी-कभी
हवा की तरह चले थे।
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