है डगर मुश्किल तो
चलना शुरू क्यों किया
राह में रुक जाना था तो
आगे पांव क्यों किया
मुश्किलों से डर कर
जो रुक जाए
वो इंसान नहीं होता
बिना मेहनत के
सपने साकार नहीं होते
दो-दो कदम आगे
बढ़ने से ही मंजिल
करीब आती है
हौसले खो देने से
मुश्किलें आसान नहीं होती
मंजिलों को भी हमारा
बेसब्री से इंतजार होता है
कठिनाइयों से
टूट जाने वालों का
भला कहां होता है।।
-ममता तिवारी
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