क्यों न गढ़ लें बहाने नए
क्यों न नई शुरूआत हो
जहाँ से टूटे थे सिलसिले
वहीं से शुरू बात हो
बीते दिनों की याद में
एक नई मुलाकात हो
मैं फिर उसी दर्द से गुज़रूँ
तुम फिर मेरी दवा हो ।
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