तुम्हारे करीब जाने को,एक फासला रखा है,
ये बंधन निभाने को, एक हौसला रखा है।
लकीर मर्यादा की, प्रेम का हिस्सा है,
यही समझ पाने को,मन बना रखा है।
किताब में फूल भेजना,एक फैशन है
मन में पूरा गुलदस्ता ही,सजा रखा है।
शब्दों से इजहार,एक अलग बात है,
आंखों से ही दिल का हाल बता रखा है।
एक रिश्ते पर ,सौ रिश्तों की बलि क्यों,
इसीलिए मम्मी को,सब समझा रखा है।।
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