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तुम कहते हो तुम देशभक्त हो

                
                                                         
                            तुम कहते हो तुम देशभक्त हो,
                                                                 
                            
तुम कहते हो तुम देशप्रेमी हो,
पर क्या तुम यह भी नहीं जानते,
कि इस मिट्टी की जनता शेर है?
वीर सपूतों की तुलना जहाँ सिंहों से होती है,
वहाँ तुम नव-युवा खुद को कीड़े-मकौड़े कहते हो!
क्या तुम्हें पता है इस देश के वीरों का शौर्य?
क्या जानते भी हो तुम उनका सर्वोच्च बलिदान?
शायद इसीलिए तुम खुद को कॉकरोच बताते हो,
तुम्हारी यह दशा देख आज वो भी रोते होंगे,
और सोचते होंगे कि किनके लिए खून बहाया था।
तुम कहते हो तुम देशभक्त हो,हाय!
यह कितने गर्व की नहीं, शर्म की बात है,
अगर रगों में सचमुच देशभक्ति का लहू है,
तो फिर मुश्किल हालातों से भागते क्यों हो?
यदि देशभक्त हो, तो परिस्थितियों से लड़ना सीखो,
इस वतन के लिए बहादुर बनो, कायरता का त्याग करो।
अगर खुद को इस राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य मानते हो,
तो देश की प्रगति के लिए स्वयं को तैयार करो,
सिंह बनकर दहाड़ो, कॉकरोच की तरह मत जियो।
अपने गौरवशाली संस्कारों को कभी भूलना मत,
विनाशकारी हिंसा की राह कभी चुनना मत,
तुम कदम बढ़ाओ, देश को भी आगे ले जाओ।
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2 दिन पहले

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