कविता : दोस्ती संभलकर करो....
घोड़ा अगर घास
से दोस्ती करेगा
यक़ीनन वो घोड़ा
भूख से मरेगा
इस लिए घोड़ा घास
खाता है खाएगा
तभी जा कर तो वो
घोड़ा जी पाएगा
तभी जा कर तो वो
घोड़ा जी पाएगा.......
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X