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असद भोपाली: मैं ख़ुश-नसीब हूँ मुझ को किसी का प्यार मिला

asad bhopali famous ghazal main khush naseeb hoon mujh ko kisi ka pyaar mila
                
                                                         
                            


मैं ख़ुश-नसीब हूँ मुझ को किसी का प्यार मिला
बड़ा हसीन मिरे दिल का राज़दार मिला

है दिल में प्यार ज़बाँ चुप झुकी झुकी नज़रें
अजब अदा से कोई आज पहली बार मिला

किसी को पा के मिरे दिल का हाल मत पूछो
के जैसे सारे ज़माने से इख़्तियार मिला

किसी ने पूरे किए आज प्यार के वादे
मेरी वफ़ा का सिला मुझ को शानदार मिला

मेरे चमन का हर इक फूल मुस्कुराने लगा
वो क्या मिला कि मुझे मौसम-ए-बहार मिला

एक दिन पहले

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