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प्रेम

                
                                                         
                            स्नेह प्रेम वात्सल्य सी तुम,
                                                                 
                            
जाने क्यों कैसे भा रही हो?
जाना ही था तो चली जाती,
जबरन तो नफ़रत भी नहीं होती।
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एक वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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