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खयाल रखो अपना

                
                                                         
                            खयाल रखो अपना
                                                                 
                            
जिसका आप को खयाल नही
जी लोगे आप खुद तकलीफ में
मगर आप को तकलीफ़ में देखना
ये हमारे दिल को कुबूल नहीं।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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