कभी किसी से लगावूं दिल ना
मोहब्बत ये मेरी केहेती हैं
छोड़ेगा एक दिन वो तुम को अकेला
बगावत ये उसकी केहेती हैं
हम ने तो हारी इश्क में सारी दुनिया वो जानेमन
कभी किसी से लगावूं दिल ना
मोहब्बत ये मेरी केहेती हैं
छोड़ेगा एक दिन वो तुम को अकेला
बगावत ये उसकी केहेती हैं...
किसी ने उडादी मेरी निंद सारी
तनहा अकेले सूनी रातें जागी
जिसको भी दिल ने माना था अपना
उसी ने ही तोड़ा प्यार का सपना
कभी किसी पे लूटावूं दिल को ना
वफ़ा ये मेरी केहेती हैं
छोड़ेगा एक दिन वो तुम को अकेला
बगावत ये उसकी केहेती हैं
हम ने तो हारी इश्क में सारी दुनिया वो जानेमन
कभी किसी से लगावूं दिल ना
मोहब्बत ये मेरी केहेती हैं....
ये बेवफा इतना बता क्या खता हूई हमसे
हमने मान था तूमको ख़ुदा क्यूं जुदा हुआ हमसे
वो इश्क भी क्या इश्क था जो निभाया ना तूम से
रब भी हमें दे बद्दुआ ना इश्क हो फिर से
ना इश्क हो फिर से बिखरे टूटे दिल के तुकडे
ना इश्क हो फिर से बिखरे टूटे दिल के तुकडे
कभी किसी पे मिटावूं खुद को ना
दिल की सगा ये केहेती हैं
छोड़ेगा एक दिन वो तुम को अकेला
बगावत ये उसकी केहेती हैं...
हम ने तो हारी इश्क में सारी दुनिया वो जानेमन
कभी किसी से लगावूं दिल ना
मोहब्बत ये मेरी केहेती हैं
मोहब्बत ये मेरी केहेती हैं....
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