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मिजाज़ ए बेरुखी

                
                                                         
                            शिफारिश किसी का भी गलत किया नहीं करते हर किसी को अपना कभी समझा नहीं करते
                                                                 
                            
गर मिली है जिंदगी तो जी लो मर्जी के मुताबिक अजनबी पर कभी भरोसा किया नही करते
जला कर दिल मेरा गर खुश हो तो कोई बात नहीं किसी गरीब पे कभी जुल्म किया नहीं करते
चल कर कांटों की राह पर आज सामने तेरे हम आए हैं किसी गरीब को ऐसे सताया नहीं करते
मिटा कर अरमां बढ़ाना दर्द किसी का अच्छा नहीं सुन के बात दिल की अरमां मिटाया नहीं करते
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34 मिनट पहले

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