आप सुनते रहो हम सुनाते रहेंगे
गीत ग़ज़ल यूं ही गुनगुनाते रहेंगे।
तेरी सोहराते जब आसमां में होगी,
शेर लिख लिख के यूं ही उड़ाते रहेंगे।
तुम गुजरे जहां से,उन हवा से गगन से
खोज खबरे तुम्हारी लगाते रहेगें।।
फूल खुशबू लूटना भले छोड़ दे
हम यादें तुम्हारी सजाते रहेंगे।।
तुम्हे देखने चांद आयेगा एक दिन,
गुलाबों सा तुमको खिलाते रहेंगे।
-राजेश कुमार पाल
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