आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

तुम्हे देखने चांद आएगा

                
                                                         
                            आप सुनते रहो हम सुनाते रहेंगे
                                                                 
                            
गीत ग़ज़ल यूं ही गुनगुनाते रहेंगे।

तेरी सोहराते जब आसमां में होगी,
शेर लिख लिख के यूं ही उड़ाते रहेंगे।

तुम गुजरे जहां से,उन हवा से गगन से
खोज खबरे तुम्हारी लगाते रहेगें।।

फूल खुशबू लूटना भले छोड़ दे
हम यादें तुम्हारी सजाते रहेंगे।।

तुम्हे देखने चांद आयेगा एक दिन,
गुलाबों सा तुमको खिलाते रहेंगे।
-राजेश कुमार पाल 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर