जब कांवरिया अपने दोनों कंधे पर लेकर पवित्र गंगा का जल,
शिव जी को चढ़ाने को शिव की मंदिर की ओर चल देता है पैदल,
तब महादेव की कृपा से राह में पड़ने वाली प्रत्येक बाधा को आसानी से वह,
पार कर लेता है चाहे वह घना जंगल हो मरुस्थल हो पहाड़ हो या फिर कि दलदल|
-मनस्व
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