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सृष्टि के रचयिता की कारीगरी

                
                                                         
                            सतरंगी इंद्रधनुष की सुंदरता देखकर वो बोल पड़ी…
                                                                 
                            
"क्या इसे मनुष्य नहीं बना सकता है?"
प्रकृति के कुछ नायाब कारनामे देखकर
हम तो एकदम मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

मैं मुस्कुराया और बोला…
"मनुष्य रंग तो बना सकता है,
मगर बारिश की बूँदों में सूरज की किरणें घोलकर,
आसमान पर सात रंगों की चादर नहीं बिछा सकता।"

वो फिर बोली…
"इतनी तरक्की कर ली है इंसान ने,
चाँद पर पहुँच गया,
फिर एक इंद्रधनुष बनाने में कैसी मुश्किल है?"

मैंने पास खड़े बरगद की ओर इशारा किया,
जहाँ एक चिड़िया,
अपने बच्चों को उड़ना सिखा रही थी।
मैंने कहा…
"लोहे के पंख बन सकते हैं,
मगर माँ के भरोसे से उड़ना,
अभी तक कोई प्रयोगशाला नहीं बना सकी।"

थोड़ी दूर एक नदी,
चट्टानों से टकराकर गुनगुना रही थी।
मैंने पूछा…
"क्या कोई इंजीनियर,
इस बहते पानी में यह संगीत भर सकता है?
या किसी मशीन से,
पहाड़ों की ख़ामोशी को आवाज़ दी जा सकती है?"
वो कुछ देर चुप रही।

तभी हवा का एक झोंका आया,
फूलों की ख़ुशबू अपने साथ लाया,
और बिना किसी परिचय के,
सबको छूकर आगे बढ़ गया।

मैंने कहा…
"देखो, यही तो प्रकृति का दस्तूर है,
देती सबको है,
मगर कभी अपने एहसान नहीं गिनाती।"
उसने फिर आसमान की ओर देखा,
इंद्रधनुष अब हल्का पड़ने लगा था।

वो बोली…
"लगता है यह भी कुछ ही देर का मेहमान है।"
मैंने कहा…
"बस यही तो इसका सबसे बड़ा जादू है।
जो हमेशा सामने रहे,
उसकी क़द्र कहाँ रह जाती है।


प्रकृति अपनी सबसे ख़ूबसूरत चीज़ें,
थोड़ी देर के लिए दिखाती है,
ताकि इंसान उम्र भर उन्हें याद रखे।"
वो मुस्कुराकर बोली,
"शायद इसी वजह से,
हम प्रकृति को जीत नहीं पाए।"

मैंने उसकी बात पूरी करते हुए कहा…
"इंसान इमारतें खड़ी कर सकता है,
मगर क्षितिज नहीं बना सकता।

रंगों की स्याही तैयार कर सकता है,
मगर बारिश के बाद आसमान पर,
उम्मीद का इंद्रधनुष नहीं टाँक सकता।

कुछ करिश्मे इसलिए नहीं बने कि, उन पर इंसान का नाम लिखा जाए,
कुछ करिश्मे इसलिए बने हैं,
कि इंसान अपना सिर झुकाकर,
सृष्टि के रचयिता की, कारीगरी पर हैरान रह जाए।"
-रतन कुमार कैथवास
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 घंटे पहले

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