अब आओ रे सारे प्यारे, मिलकर इसकी शोभा बढ़ाएं,
देख-देख सारे मैच को, मिलकर इसमें धूम मचाएं।।
यह भारत पाक का मैच नही, सदियों की रही जंग है,
जब भारत की शान्ति में पड़ती, देश की क्रान्ति है।।
यह सदियों की रही प्रीत, पाक हार की प्रीत है।
पाक हार की प्रीत को देखो, देखकर इसकी शोभा बढ़ाएं।
आओ मिलकर सारे प्यारों, नाचें-गाएं खुशियां मनाएं।।
इस मैच के आने पर, तूफान सा आ जाता है!
इस मैच के मंजर पर,
भीड़ का समंदर सा आ जाता है।।
इस मैच के दर्शकों की, शोभा निराली होती है।
जब छाती और जनता डंका, क्रान्ति निराली होती है।।
अब भारत की हो गई जीत,
पाक की हो गई हार है!
इस अंगारे के सद्भाव में,
खुशियों की बौछार है।।
-अभिनव अत्री
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