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पास नही रहते हो मेरे

                
                                                         
                            मेरे आस- पास,मेरे साथ -साथ रहती हो मेरे तन -मन मे।
                                                                 
                            
पल -पल मेरे,मेरे साथ निभाती हो मेरे जीवन मे।
एक स्नेह भरा हृदय से,प्रेम जगाती हो तन-नम में।
प्रेम का सच्चा आनन्द हो,मेरे जीवन मे।
खेल-खेल में,हृदय के अंतर भावो में रुक जाती हो।
जाना रहता है और कही, मेरे पास रुक जाती हो।
जीवन का सच्ची प्यार दिखा कर,हृदय में रह जाती हो।
तू औरो से दूर हो कर,मेरे पास चली आती हो।
सपनो की सुंदर गलियों में,फूल सदा बरसाती हो।
बनके पपीहा,सुंदर गीत सुनाती हो।
कोयल की मधुर भाषा से,मीठी तान सुनाती हो।
मोर बन कर तुम,सुंदर नृत्य दिखाती हो।
मेरे अंतर मन मे,प्रेम आनन्द फैलाती हो।
सुंदर सी लब्जो से,मेरे दिल मे उतर आती हो।
भोर भरी ठंडी हवा का,आनन्द मुझे दिलाती हो।
पतझड़ में भी ,मेरे दिल मे हरियाली फैलती हो।
सुंदर सी मीठी तानो से,हृदय को सुकून पहुचाती हो।
मेरे दिल के अंदर में,सदा ही रुक जाती हो।
प्रेम भाव से भर कर,अत्यंत सुख पहुचाती हो।
ओ सागर की मस्त हवाएं बन,दिल मे ठहर जाती हो।
सुख भरे सपनो को,रोज तुम सजाती हो।
मेरे जीवन मे,तुम पल-पल साथ निभाती हो।
ना हो कर भी पास मेरे, पास नजर तुम आती हो।
जीवन के मेरे अनुभव को,आत्मसाध कर जाती हो।
मेरे ना हो कर भी तुम,मेरे ही रह जाती हो।
मेरे तन-मन मे ,एक प्यार का दीप जलती हो।
ऊँचे पर्वत की तरह,एक अडिक प्यार दिखती हो।
मेरे जीवन के हर सपनों में,तुम चली आती हो।
हो मौसम बरसात का,एसा प्यार दिखती हो।
आसमान के मेघा बन कर,हृदय को तृप्त कर जाती हो।
सपनो भरी रातो में,स्नेह प्यार दिखाती हो।
मेरे जीवन की बगिया में,फूल सदा खिलाती हो।
ओढ़ चुनरिया ,मेरे सपनों में तुम आती हो।
जीवन के ताने-बाने में,उलझ कर तुम रह जाती हो।
निश्छलता से,मेरे हृदय में प्रेम भाव जगाती हो।
सुंदरता की रूप शिखा बन,सपनो में तुम आती हो।
जीवन मे बन्ध जाने को,स्नेह प्रेम दिखती हो।
पास नही रहती मेरे,सपनो में तुम आती हो।
प्रेम भरे जीवन मे,मधु बन रुक जाती हो।
तेरे ओठो की मधुशाला में,मेरे जीवन नजर आता है।
तेरे काली जुल्फों में,सावन नजर आता है।
तेरे माथो की बिदिया मे, मेरा संसार नजर आता है।
तेरे हाथो की कंगना में,मेरा प्यार नजर आता है।
तेरे चूड़ियों की खनक में,मेरा जीवन नजर आता है।
पर पास नही हो मेरे,सपनो में तू आती है।
प्रेम भरी स्नेह से, यादो में रुक जाती है।
मेरे मन की स्मृति बन कर,जीवन मेरे सजाती है।
पास नही रह कर भी,पास नजर आती है।
साथ नही हो कर भी,साथ नजर आती है।
अपना ना हो कर भी,अपना सा तू लगती है।
मेरे हृदय की स्पंदन को,अच्छी तरह समझती है।
दिल मे रह कर,दिल में सुकून भर देती है।
मेरे जीवन ना हो कर भी,जीवन जैसे लगती है।
तू सपनो में आ कर,मेरे साथ ही रहती है।
सपने भरे रातो में,जीवन मुझे तू कहती है।
प्रेम भरी खुसबू से,मेरे जीवन को भर देती है।
रात की नम हवाओ से,मीठी बात तू करती है।
चन्द्रमा को निहार कर,मेरे दिल मे ठहरती है।
रात के अंधेरो में,सपना बन कर रहती है।
प्रेम भरी भावो से,मेरे दिल मे उतरती है।
स्नेह भरे स्मृतियां,मेरे जीवन मे सदा रहती है।
यादो के समंदर में,परछाई बन कर रहती है।
मेरे जीवन की सच्चाई बन कर,रहती है।
मेरे प्रेम भरी जीवन की,कहानी बन कर रहती है।
साथ नही पर,सपनो में साथी बन कर रहती है।
जीवन की सुख-दुख में,स्मृतियां बन साथ निभाती है।
मेरे अंदर के प्रेम भाव को,सदा सुकून तू देती है।
जीवन के अंधियारे में,दीपक बन तू जलती है।
मेरे हृदय के कोने -कोने में,प्रेम भाव भर देती है।
पास नही रहती तुम,मेरे यादो में रहती है।
साथ नही रहती हो,मेरे स्मृतियों में रहती हो।
बेपनाह मोहोब्बत है तुमसे,सपनो की रानी हो।
मेरे सच्ची और निश्चल प्रेम का,एक सच्ची कहानी हो।
साथ नही रहते हो तुम,स्मृतियों में रहती हो।
पास नही रहती हो तुम,यादो में रहती हो।
सागर जैसे प्रेम, मेरे हृदय में सदा तुम भरती हो।
मेरे तन-मन मे,तुम्ही तो रहती हो।
मेरे हृदय में,सुकून बन कर,तुम रहती हो।
पास नही रह कर तुम,पास मेरे ही रहती हो
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57 मिनट पहले

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