पेड़ के जीवन मस्त बनाओ
कट रहे हैं खेत बाग वन
कट रही है फुलवारी
पंछी की आवाजें खो गई
सुख गई नादियां प्यारी
हर अंगन एक पेड लगाओ
पेड़ के जीवन मस्त बनाओ
पेड़ ने दिया हमको छाया
लेकिन हमने एनको कटवाया
अब ये गलती मत दोहराव
हर अंगन एक पेड लगाओ
पै लगाओ धरा सजाओ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X