मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति के लिए आहार-योजना पर आधारित प्रेरणादायक कविता—
सुबह सवेरे उठते ही, जल गुनगुना पिया करें,
मधुमेह से मुक्ति के लिए, तन का शोधन किया करें।
चीनी वाली चाय छोड़कर, ग्रीन टी को अपनाओ,
स्वास्थ्य हितैषी इस धन को, प्रतिदिन और बढ़ाओ।
चीला, दलिया, ओट्स, अंकुरित लें प्रतिदिन आहार,
सादा भोजन ही बने, जीवन का आधार।
मूंग दाल के चीले खाओ, चटनी हरी मिलाय,
रोगों से लड़ने की शक्ति, स्वयं ही नित बढ़ जाए।
सेब, अमरूद, नाशपाती, और पपीता खाय,
प्रकृति के उपहारों से, जीवन सफल बनाय।
नारियल जल भी लीजिए, डॉक्टर अनुमति पाय,
संतुलित भोजन ही चाबी है,अच्छी सेहत हो जाए।
दोपहर में सलाद बड़ा हो, हरा भरा और प्यारा,
दाल, सब्जियाँ, रोटी खा, हो स्वस्थ शरीर हमारा।
सादी सही सुपाच्य है,बिन चीनी के खाएं,
मधुमेह को करे नियंत्रण,अच्छी स्वास्थ्य बनाए।
शाम ढले जब भूख लगे तो, भुना चना लें खाय।
मूंगफली की थोड़ी मात्रा, तन को बल दे जाय।
चीनी चाय की छोड़ दो,लो संकल्प निभाय।
छोटी-छोटी अच्छी आदत, जीवन सफल बनाय।
रात्रि को भोजन हल्का हो, जो उत्तम उपहार,
दाल, सब्जियाँ साथ सलाद , सादा हो आहार।
नींद से पहले भूंख लगे तो,थोड़ा दूध ले पी।
संयम और संतुलन का दीप जलाओ घी।
मिठाई, चीनी, गुड़ से दूरी, सदा बनाकर रखना,
कोल्ड ड्रिंक, तले पदार्थ से, मन मनाकर रखना।
अधिक नमक, पापड़,अचार को धीरे-धीरे त्यागो,
स्वस्थ हृदय और स्वस्थ शरीर के हित में अब तो जागो।
रोज़ कदम कुछ तेज़ बढ़ाओ, पैदल चलना सीखो,
भोजन बाद टहलने का भी, स्वाद लाभ का चीखो।
तीस से पैंतालीस मिनट तक, नियमित श्रम करिए,
स्वास्थ्य रूपी मंदिर को फिर, नित्य स्वच्छ रखिए।
शुगर - BP हो संतुलित तो जीवन बने सुहाना,
HbA1c लक्ष्य रहे तो, खुशियों का मिले ठिकाना।
संयम, श्रम , आहार सही, ये तीनों रखो साथ,
मधुमेह और उच्च बीपी भी, छोड़ेंगे फिर हाथ।
प्रेरणा
रोग नहीं है हार मित्र, यह है जीवन की सीख,
अनुशासन का दीप जला लो, रोग से मिटेगी प्रीति।
सादा भोजन, नियमित चलना, मन में रखो विश्वास,
स्वस्थ तन और शांत हृदय से, जीवन होगा खास।॥
-सूबा लाल "अंजाना"
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X