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स्त्री और पुरुष

                
                                                         
                            घर परिवार में स्त्री और पुरुष की जगह।
                                                                 
                            
स्त्री केंद्र है तो परिधि है पुरुष की सतह।।

लोगों को लोग मिल जायेगे अच्छे या बुरे।
तुमसे जुड़े रहने की स्वार्थ उसकी वज़ह।।

अपना कंधा यहाँ सोच समझ कर चुनना।
परेशानी न बन जाए दर्द सुनने की वज़ह।।

रिश्ता खत्म नही होता ढोया जाता 'उपदेश'।
मोहब्बत एक धागा है उसे ढोने की वज़ह।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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एक घंटा पहले

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