(स्वतन्त्रता का पर्व)15 अगस्त।
यह केवल दिन नहीं,
सदियों का प्रतिमान है।
आसमान पर लहराता
भारत का सम्मान है।
वीरों के खून से सींचा
हर शहीदों का मान है।
15 अगस्त का पावन दिन
देश का अभिमान है।
इतिहास के पन्नों में जिस दिन
वीरों को हमने नमन किया।
उसी सुनहरे पल से हमने
आजादी को जन्म दिया।
गुलामी की बेड़ी को
जिस दिन हमने तोड़ा था।
उसी दिन से स्वतंत्रता से
नाता हमने जोड़ा था।
आज तिरंगा ऊँचा कर
बच्चे-बडे गर्व से गाए।
एकता की डोर में बंधकर,
भारत आगे बढ़ता जाए।
खेतों में, कारखानों में,
स्कूलों की हर दीवारों में
तिरंगे को लहराए।
शहीदों का सपना साकार करें,
देशभक्ति की अलख जगाएं।
स्वतंत्रता का यह पर्व,
हमें याद दिलाता है।
बलिदान, त्याग और मेहनत से
ही देश आगे बढ़ता है।
-पायल शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X