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अपने पैरों पर

                
                                                         
                            ना जाने,कब छोटी से बड़ी हुई।
                                                                 
                            
खुद , अपने पैरों पर खड़ी हुई।।

वो, जिसको गोद खिलाया था।
बुढ़ापे मे , सहारे की छड़ी हुई।।

कोई नजर , उसे लग जाये ना।
मंजिल की जिद पर अड़ी हुई।।
-यूनुस खान
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57 मिनट पहले

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