आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जब सुमित्रानंदन पंत ने संगीतकार दान सिंह को खुश होकर दी शाबाशी

दान सिंह
                
                                                         
                            हिंदी फिल्मों में दान सिंह संगीतकार को बहुत कम लोग जानते होंगे। लेकिन 'वो तेरे प्यार का गम' गीत का संगीत आज भी लोगों की मुलाकात प्रेम में किस्मत के निराले अंदाज से कराता है। यह गीत जब तक गुनगुनाया जाएगा तब तक दान सिंह संगीत की दुनिया में महकते रहेंगे। दान सिंह का जीवन गुमनामी में व्यतीत हुआ। दान सिंह ने फिल्मी गानों की धुनें ही नहीं बनाई बल्कि कई कवियों की साहित्यिक रचनाओं को अपनी मधुर धुनों से सजाया है। यह कोई पांचवें दशक की बात है। इस दौरान दान सिंह दिल्ली आकाशवाणी में कंपोजर के रूप में काम करते थे। 
                                                                 
                            
  आगे पढ़ें

कविता अलक-पलक श्यामल स्वर्णिम...की धुन बनानी थी...

2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर