हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है उत्प्रेक्षा जिसका अर्थ है - 1. संभावना 2. उपेक्षा 3. उदासीनता। कवि कुंवर नारायण ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
अकेलापन एक तरह की दूरी है
अपने से
कभी-कभी कहीं दूर
छोड़कर अपने को
लौट आता हूँ परायों के पास,
पराए की तरह सोचता हूँ—
यह कैसा आस-पास
जिसमें सभी दूर दूर।
अनायास एक दूरी से कहता—‘हेलो दूरी’!
वह हँस देती।
हँसी भी एक तरह की निकटता है।
एक ढीठ उत्प्रेक्षा
मेरे पास सरक आती
न जाने कितनी दूरियों को दूर ढकेलते हुए।
कमेंट
कमेंट X