(माया एंजेलो की कविता ‘टच्ड बाइ एन एंजेल’ का अनुवाद)
हम जो डरने के अभ्यस्त हैं
हम जो सुखों से वंचित रहे हैं
हम तब तक कुण्डली मारे
अपने खोलों में दुबके पड़े रहते हैं
जब तक
प्रेम हमें मुक्त करने के लिए
अपने अलौकिक देवस्थान से
स्वयं नहीं उतर आता है
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