आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

लता मंगेशकर: दैवी उपहार

Lata Mangeshkar: Divine Gift by vijay sharma
                
                                                         
                            लता मंगेशकर जैसी विभूतियाँ इस धरा पर कभी-कदा ही अवतरित होती हैं। वे मानवता को मिला दैवी उपहार हैं। स्वर साम्राज्ञी ने आम और खास सबके दिल पर राज किया। उन्हें कई पुरस्कार मिले पर वे किसी पुरस्कार की मोहताज नहीं रहीं। चार पीढ़ियों को अपने सुर से उपकृत करने वाली गायिका की सुर साधना पर उनके जीते-जी कई सहृदय ने लिखा है, आज उनके जाने पर मेरी भी उन्हें एक छोटी-सी श्रद्धांजलि!
                                                                 
                            
उनकी आवाज, उनके गीत उनकी पहचान हैं। उनके एक गीत के बोल हैं, ‘नाम गुम जाएगा, चेहरा ये बदल जाएगा। मेरी आवाज ही पहचान है...’। मैं दावे के साथ कहना चाहती हूँ, उनका नाम कभी गुम नहीं होगा, उनका चेहरा कभी नहीं बदलेगा। वे सदा हमारे हृदय में अमर-अजर रहेंगी। सदियों तक उनका नाम और उनका स्वर गूँजेगा। उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा कौन भूल सकता है। भारतीय फ़िल्मों के गीतों का सफ़र उनके बिना कभी पूरा नहीं होगा। वे ‘रहें या न रहें’...सदा महकती रहेंगी। आगे पढ़ें

4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर