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साहिर लुधियानवी की नज़्म: आओ कि आज ग़ौर करें इस सवाल पर 

साहिर लुधियानवी की नज़्म: आओ कि आज ग़ौर करें इस सवाल पर
                
                                                         
                            आओ कि आज ग़ौर करें इस सवाल पर 
                                                                 
                            
देखे थे हम ने जो वो हसीं ख़्वाब क्या हुए 

दौलत बढ़ी तो मुल्क में अफ़्लास क्यूँ बढ़ा 
ख़ुश-हाली-ए-अवाम के अस्बाब क्या हुए 

जो अपने साथ साथ चले कू-ए-दार तक 
वो दोस्त वो रफ़ीक़ वो अहबाब क्या हुए  आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

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