जिसके होने से घर में रौनक है
जिसकी छाया सुकून देती है
वो रहे घर में तो घर लगता है
घर की हर चीज़ खुशी देती है।
उसने नाजों से हमको पाला है
अपने सांचों में उसने ढाला है
व्यर्थ में ढूंढते हो तुम ईश्वर
वही मंदिर है औ शिवाला है।
कोई हारी हो या बीमारी हो
राह में कितनी भी दुश्वारी हो
मुश्किलों से निजात मिल जाए
मां अगर पास में हमारी हो।
मां तो आशीष बन के रहती है
वो अगर फ्रेम में भी रहती है
कभी महसूस करके देखो तो
वह हवा बनके पास रहती है ।
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