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कवि प्रभात: यादों को भी विदा कहने का वक़्त आएगा

kavi prabhat famous hindi kavita yadon ko bhi vida kahne ka waqt aayega
                
                                                         
                            

यादों को भी
विदा कहने का
वक़्त आएगा
 
इच्छा और उदासी
जैसे पक्के रंग भी
छूट जाएँगे
 
पानी से
ख़ाली घासों की तरह
सूख जाएँगी जब याद
 
करुणा के जल को भी
विदा कहने का वक़्त आयेगा 
14 घंटे पहले

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