हे मिट्टी के गणपति तुमको हरियल दूब चढ़ाऊं।
हे श्री जी आरती तुम्हारी सबसे पहले गाऊं।
मातृभक्ति में पहरा देकर
अपना शीश गंवाया।
शिवजी ने गज शीश लगा कर
प्रथम पूज्य बनाया।
हे गौरी शिव के सुत तुमको श्रद्धा सुमन चढ़ाऊं।
हे मिट्टी के गणपति तुमको हरियल दूब चढ़ाऊं।
अनुपम रूप तुम्हारा न्यारा,
मूषक वाहन तुमको प्यारा,
मंत्र श्री गणेशाय नमः से,
पूरन हो हर काज हमारा।
रिद्धि सिद्धि के पति मूषक वाहन पर तुम्हें बिठाऊं।
हे मिट्टी के गणपति तुमको हरियल दूब चढ़ाऊं।
दस दिन को गणपति तुम आते,
सबके घर सुख सम्पत्ति लाते।
झांकी मंडप सजा सजाकर,
गणेश उत्सव सभी मनाते।
शुभ लाभ के पिताश्री तुमको मोदक भोग लगाऊं।
हे मिट्टी के गणपति तुमको हरियल दूब चढ़ाऊं।
- अनिल भारद्वाज
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