तुम्हारे संग जा रहा फुहार का मौसम,
उम्र भर याद आएगा वो प्यार का मौसम।
तुम्हारे हंसते ही कलियां भी मुस्कुराती थीं।
गीत गाते थे तो कोयल भी गुनगुनाती थी,
तुम्हारे संग जा रहा सिंगार का मौसम,
हर घड़ी याद आएगा यह प्यार का मौसम।
पास आते थे तो खुशबू भी संग लाते थे।
मां की क्यारी में बसंत बन के आते थे।
ले गया ज्यों कोई अपने उधार का मौसम।
हर घड़ी याद आएगा वो प्यार का मौसम।
उजड़ रहा है ज्यों खिलते दयार का मौसम।
हर घड़ी याद आएगा वो प्यार का मौसम।
लिए जाते हो संग तुम बाहर का मौसम।
हर घड़ी याद आएगा वो प्यार का मौसम।
-अनिल भारद्वाज
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