कोई ज़िंदगी में आया और सब कुछ दे गया
सारी खुशियाँ, सुकून, प्यार और सब कुछ
जिससे ज़िंदगी कोई सपनों की दुनिया जैसी बन गई या शायद उससे भी अच्छी
जिसको अपनी खुशियों से ज्यादा आपकी खुशियों का परवाह थी
जिसको अपने सुकून से ज्यादा आपके सुकून की फिक्र थी
और जो खुद लाख परेशानियों में होते हुए भी आपको दुखी देख कर बोलता कि मैं हूं ना सब ठीक हो जाएगा
जिसने हमेशा खुद से पहले आपका सोचा
आपकी पसंद को ध्यान में रख कर हर चीज़ की
और फिर वो आपकी ज़िंदगी की एक सबसे खूबसूरत नेहमत बन गया
लेकिन फिर एक दिन जैसे वो ज़िंदगी में आया था वैसे ही वो आपकी ज़िंदगी से चला गया
और सारी खुशियाँ, सारा सुकून और सब कुछ उसके साथ ही चला गया
जिसकी ज़िंदगी की हर चीज उससे ही शुरू और उसपे ही खत्म होती थी
उसके पास कुछ बचा ही नहीं और एकदम से सपनों की दुनिया सच में सपने जैसी बन गई
जैसे हम सोए थे सपनों में वो ज़िंदगी जी और एकदम से आंखे खुली और सपना टूटा।
और फिर ज़िंदगी की वास्तविकता का सामना हुआ
वो एक शख्स ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत यादें दे गया और ज़िंदगी जीना सिखा गया
अपना एक हिस्सा मुझमें छोड़ गया और मेरा एक हिस्सा अपने साथ ले गया |
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