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कलम उठ जाती है

                
                                                         
                            जब किसी के
                                                                 
                            
बारे में सोचती हूं
पशु,पंछी
इंसान
सुख दुख
हंसना रोना
किसी की उदासी
किसी की खुशी
चिड़ियों का चहकना
फूलों का खिलना
मौसम का बदलना
सूर्य भगवान का
सुबह सुबह का
लालिमा लिए
दीदार
बारिश,धूप ठंड
लहलहाते खेत
प्रकृति की मुस्कान
बस,
मेरी कलम
चल पड़ती है
मन कुछ लिखने
के लिए बेचैन
हो जाता है
मैं खुद को
रोक नहीं पाती हूं
कलम उठ जाती है।।
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2 दिन पहले

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