कितने हमारे वीर कुर्बान हुए
देश पर बलिदान हुए
पीछे पांव कभी न हटाए
वतन के लिए लहू लुहान हुए
हमारी मिट्टी की कण-कण
आज भी उन्हें पुकारती है
देश पर शहीद हुए वीरों को
आज भी नहीं भुलाती है
स्वतंत्र भारत का सपना
मन में सजाए
वीरों ने कितने अनगिनत
असहनीय अकल्पनीय
कष्ट उठाए
तब जाकर हमारे मन में
आज उत्साह और उमंग है
वीरों का हमारे ऊपर
बहुत बड़ा ऋण है
नतमस्तक हो जाता सर
देश के हमारे वीरों को
तहे दिल से सलाम है
अनंत वीरों ने बहाएं हैं
अपने बेशकीमती रक्त
देश के लिए जान किए हैं
कुर्बान
तब जाकर आज हम
शान से मना रहे हैं
15 अगस्त………......
देश को उन पर.........
गर्व और अभिमान है
दिल से नमन और सलाम है।।
-ममता तिवारी
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