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हास्य कविता : एक पड़ोसी....

                
                                                         
                            हास्य कविता : एक पड़ोसी.
                                                                 
                            
पति बोला, तुम रोज
कहां जा रही हो ?
इतनी रात को तुम
कहां से आ रही हो ?

पत्नी बोली, तुम कब आए ?
लाइट अभी जलाए हो
पहले आईने में खुद को देखो
तुम भी तो अभी आए हो

पति बोला, मेरी छोड़ो हर रोज
घर से निकलके जा रही हो
किस कमबख्त कलमुहे
से मिलके आ रही हो ?

पत्नी बोली, भोले ना बनो मुझ
को क्या समझ रखा है ?
मैंने कई बार, तुमने सामने वाली
को किस करते देखा है

तुमने जो मुझ को
आचरण दिया है
मैंने भी बिल्कुल
यही तो किया है

ध्यान दे कर सुनो तुम,
अब बात ऐसी है
तुम्हारी वो पड़ोसन है तो मेरा
भी एक पड़ोसी है
तुम्हारी वो पड़ोसन है तो मेरा
भी एक पड़ोसी है.......

 
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5 घंटे पहले

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