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कविता : न विस्की न रम....

                
                                                         
                            कविता : न विस्की न रम....
                                                                 
                            
पीने वाले के लिए पी पी
कर पैसा खतम है
पीने के लिए अब उसे
न विस्की न रम है

बेचारा उसको तो
बहुत ही गम है
उसे ये जिंदगी मरने
से थोड़ी न कम है ?
उसे ये जिंदगी मरने
से थोड़ी न कम है.......?

 
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6 घंटे पहले

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