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भारत है मेरी जान

                
                                                         
                            "भारत है मेरी जान, इसके लिए बहुत हुए कुर्बान,
                                                                 
                            
शान उनकी जाने ना पाए जो हो गए बलिदान।
लहू से सींची है जिस मिट्टी को शहीदों ने,
वो तिरंगा आज शान से लहराता आसमान।

शिक्षा के संग-संग खेलों में भी हम अब आगे हैं,
विज्ञान की नई उड़ान से मेरा देश हुआ महान।
खेतों में किसान, फैक्ट्री में मजदूर,
हर हाथ में मेहनत है, हर आंख में अरमान।।

दुश्मन की नजरें जब भी भारत पर पड़ती हैं,
सीमा पर खड़े जवान बन जाते हैं तूफान।
सबसे आगे प्राणों की बाजी लगा,
मातृभूमि के लिए हम होंगे बलिदान।

एकता की माला में बंधे हैं हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
भाईचारे की डोर से बंधा है हिन्दुस्तान।
आओ मिलकर शपथ लें इस 15 अगस्त को,
देश को और ऊंचा ले जाएंगे, यही है पहचान।।

सर कट जाए पर तिरंगा झुके ना,
यही है हर भारतीय की आन।
जब तक सूरज चांद रहेगा,
 
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एक घंटा पहले

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