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चलो बधाई देने गोक

                
                                                         
                            चलो बधाई देने गोकुल , नंद के घर आए आनंद ।
                                                                 
                            
चलो गोपियां संग हमारे , सबको बुलाए बाबा नंद ।।

एक आस सबके मन में है,
त्रिलोकी का दर्शन पायें ।
यशोदा से मांगे बधाई ,
योगीराज को देख आयें ।।
हम तर जायें भवसागर से , रूप देख के परमानंद ।
चलो बधाई देने गोकुल , नंद के घर आए आनंद ।।

मिश्री दही मलाई खाने ,
नंद बाबा से मांगे गाय।
यशोदा से हार मोती का ,
भारी मांगे नज़र उतराय ।।
जो चाहे हम मांगे उनसे , नहीं आज कोई पैबंद ।
चलो बधाई देने गोकुल , नंद के घर आए आनंद ।।

हम सब सखियां साथ चलेंगी,
देने बधावा नंद भवन ।
सज के संवर के चलना है ,
लाला देखने यशोदा सदन।।
मोहन झूले पलना में, जहां सुरक्षा है चौबंद।
चलो बधाई देने गोकुल , नंद के घर आए आनंद ।।

दे दो पहले शगुन जशोदा,
तेरे घर में हुआ है लल्ला ।
नंद बाबा को अभी बुलाओ,
लूंगी मैं सोने का छल्ला ।।
तभी गाऊंगी लोरी आज , नंद का लल्ला रहे बुलंद।
चलो बधाई देने गोकुल , नंद के घर आए आनंद ।।

 
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35 मिनट पहले

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