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तन्हाई का जोर

                
                                                         
                            तन्हाई का जोर और मजबूरी का आलम।
                                                                 
                            
तरीका खोजता 'उपदेश' जिद्द पर कायम।।

दिल मजबूर कर रहा तुमसे बात करने को।
मगर फोन को उठाता नही हद पर कायम।।

प्यार में चमकती जुगनू लगे तितली जैसी।
गहरे नशे में लड़खड़ा रहीं बात पर कायम।।

दूरियों के तमाशे हर रोज करतब दिखाते।
मोहब्बत में आज भी ज़ज्बात पर कायम।।

पलके बोझिल हो रहीं जैसे-जैसे रात बढ़ी।
ख्वाब में अचंभित प्रिये विस्तर पर कायम।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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36 मिनट पहले

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