क्योंकि एक लड़की हूं मैं सब सहना फितरत है मेरी
बनी हूं दूसरों के लिए मैं,
बातें सबकी सुनना आदत है मेरी
क्योंकि एक लड़की हूं मैं।
अपने घर की होकर भी परायी हूं मैं
अगर अपने मन का किया
तो संस्कार नहीं ये तेरे
मर्जी अपनी नहीं,
दूसरों को सुनना आदत है मेरी
क्योंकि एक लड़की हूं मैं।
-स्वाति वर्मा
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