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हमारे बाद

                
                                                         
                            जब कभी होगी, बरसात हमारे बाद।
                                                                 
                            
बामुश्किल गुज़रेगी, रात हमारे बाद।।

बज़्म सजाकर भी , क्या करोगे तुम।
कौन करेगा , तुमसे बात हमारे बाद।।

अगरचे साहिब-ए-असबाब हो,मगर।
बचेगी, हिज़्र की सौगात हमारे बाद।।

वो दोस्त, जिनपे आज नाज़ है तुम्हें।
करेगा न कोई,मुलाकात हमारे बाद।।

ऐश-ओ-इशरत से , सुकूं ना मिलेगा।
बेरंग होगी तब-ओ-ताब हमारे बाद।।
-यूनुस खान
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32 मिनट पहले

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