आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा...गीत नहीं मुकम्मल एहसास है

एक लड़की को देखा...
                
                                                         
                            1993 में आई फिल्‍म 1942 अ लव स्टोरी में एक गाने ने उस दौर में मन में अजीब सी बेचैनी पैदा कर दी थी। उम्र थी ठीक 18 साल, यानी मन तरंगों में हिलोरे मारने लगा था। इसी समय इस फिल्म का यह गीत 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा...' ने मन में हलचल पैदा की। गीत का असर यह हुआ कि मन में एक लड़की की सुंदरता और उसका पूरा चिर यौवन अंकित होने लगा था। प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने इस गीत को इतने शायराना अंदाज में लिखा है कि इसे सुनकर मन में एक लड़की के प्रति सही सोच का रोमांच आना स्वाभाविक है। आरडी बर्मन के संगीत में जावेद अख्तर के बोल को बेहद हसीन तरन्नुम मिले थे। कुमार सानू ने इस गीत में अपनी दिलकश आवाज दी है। मेरे लिए यह केवल गीत हीं नहीं था बल्कि यह लड़की का एक मुकम्मल एहसास था। सुंदर शब्दों के साथ बेहतर संजीदगी का भाव रखे इस गीत का मैं धीरे धीरे मुरीद हो गया था।  
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

जैसे खिलता गुलाब, जैसे शायर का ख्वाब...

नवोदित अभिनेत्री मनीषा कोइराला का नया चेहरा उस समय बॉलीवुड में आया था। उनके चेहरे की हर तरफ तारीफ हो रही थी। इसी दौरान इस गीत ने मनीषा कोइराला और उनके सादगी भरे सौंदर्य को और चर्चित कर दिया था। मनीषा की नैचुरली ब्यूटी इस गीत के साथ सटीक ढंग से बैठ रही थी। ऐसा लगा जैसे यह गीत सिर्फ और सिर्फ मनीषा कोइराला के सौंदर्य के ‌‌लिए ही बना था। यह गीत किसी और नायिका पर फिल्माया जाता तो शायद यह इतना हिट नहीं होता। बेहतरीन फिल्मांकन ने इस गीत की खूबसूरती को और बढ़ा दिया था। झरने की कलकल करती आवाज और सुंदर हरे-भरे बगीचे तथा सफदे रंग के परिधान में मनीषा का सौंदर्य और गीत के बोल ऐसा प्रतीत होते हैं कि जैसे यह ये एक दूसरे के लिए ही बने थे। गीत के शुरुआती बोल में ही कहा गया कि एक लड़की...एक तरह से खिलता गुलाब है। शायर का ख्वाब है। 

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
जैसे खिलता गुलाब
जैसे शायर का ख्वाब
जैसे उजली किरण
जैसे वन में हिरन
जैसे चांदनी रात
जैसे नरमी की बात
जैसे मंदिर में हो एक जलता दिया
आगे पढ़ें

जैसे खिलता गुलाब, जैसे शायर का ख्वाब...

8 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर