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Vishwa Kavya: ईरानी कवि सबीर हका की 3 चुनिंदा कविताएं

विश्व काव्य
                
                                                         
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जैसे कफ़न ढंक देता है लाश को
बर्फ़ भी बहुत सारी चीज़ों को ढंक लेती है।
 
ढंक लेती है इमारतों के कंकाल को
पेड़ों को, क़ब्रों को सफ़ेद बना देती है

और सिर्फ़ बर्फ़ ही है जो
सरहदों को भी सफ़ेद कर सकती है।

2- 

मृत्यु से डर...

ताउम्र मैंने इस बात पर भरोसा किया
कि झूठ बोलना ग़लत होता है
ग़लत होता है किसी को परेशान करना

ताउम्र मैं इस बात को स्वीकार किया
कि मौत भी ज़िन्दगी का एक हिस्सा है

इसके बाद भी मुझे मृत्यु से डर लगता है
डर लगता है दूसरी दुनिया में भी मज़दूर बने रहने से।

3- 
आगे पढ़ें

मृत्यु से डर...

8 महीने पहले

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