तुम्हारे कदमों की आहट से दिल धड़क जाए।
इस तरह से आओ ज़िंदगी में ज़िंदगी संवर जाए।।
बहुत ही तन्हा रहा ज़िंदगी के सफ़र में,
अब तुम्हारा साथ मेरा हमसाया बन जाए।
ये गिला बदस्तूर कि हसीं वादियों से महरूम रहा,
अब ये विरानगी भी इक दिलकश चमन बन जाए।
बहुत ही दिलचस्प रहा मेरी आवारगी का सफ़र,
अब हर कोई 'रणधीर 'की संजीदगी का कायल बन जाए।
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